अंबानी से अडाणी तक कर्ज में डूबी कंपनी फ्यूचर रिटेल को खरीदने की दौर में शामिल, जानिए क्यों इतनी दिलचस्पी


Photo:PTI बिग बाजार

Future retail news: कर्ज में डूबी किशोर बियाणी की कंपनी फ्यूचर रिटेल को खरीदने की दौर में मुकेश अंबनी से लेकर गौतम अडाणी शामिल हो गए हैं। दरअसल, फ्यूचर रिटेल को खरीदने में जिन 13 कंपनियों का नाम फाइनल हुआ है उनमें रिलायंस रिटेल, अडाणी समूह के संयुक्त उद्यम अप्रैल मून रिटेल समेत 11 अन्य कंपनियां शामिल हैं। आपको बता दें कि फ्यूचर रिटेल के पास बिग बाजार (Big Bazar), Foodhall और Easy Day जैसे स्टोर्स ब्रांड हैं। बिग बाजार के नाम से देश के सभी प्रमुख शहरों में रिटेल स्पेस है। वहीं, दूसरी ओर रिलायंस और अंबानी तेजी से रिटेल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अगर वो फ्यूचर रिटेल की खरीदारी करते हैं तो उनको अपना कारोबार तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी। 


 

खरीदने की दौर में ये कंपनियां भी शामिल 

रिलायंस रिटेल और अप्रैल मून रिटेल के अलावा बोलीदाताओं में कैपरी ग्लोबल होल्डिंग्स, धर्मपाल सत्यपाल, नलवा स्टील एंड पावर, शालीमार कॉर्प, एसएनवीके हॉस्पिटैलिटी एंड मैनेजमेंट, यूनाइटेड बायोटेक और डब्ल्यूएच स्मिथ ट्रैवल शामिल हैं। कर्ज लौटाने में चूक के बाद कंपनी के कर्जदाता बैंक ऑफ इंडिया ने एफआरएल को ऋण शोधन कार्यवाही में घसीटा है। कंपनी के बैंकों ने फ्यूचर रिटेल समेत समूह की 19 कंपनियों को 24,713 करोड़ रुपये में अधिग्रहण के रिलांयस इंडस्ट्रीज के सौदे को खारिज कर दिया। अमेजन की चुनौती के बाद बैंकों ने सौदे को खारिज किया है। संभावित खरीदारों के लिये रुचि पत्र जमा करने की अंतिम तिथि तीन नवंबर थी। 

नाम जारी होने पर किसी ने एतराज नहीं किया 

फ्यूचर रिटेल लि.(एफआरएल) के समाधान पेशेवर की ताजा जानकारी के अनुसार ये कंपनियां संबंधित शेयरधारकों से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद संभावित समाधान आवेदनकर्ताओं की अंतिम सूची में शामिल हुई हैं। अद्यतन सूचना के अनुसार, 10 नवंबर, 2022 को जारी संभावित समाधान आवेदनकर्ताओं की सूची जारी होने के बाद कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। गौरतलब है कि फ्यूचर रिटेल 3.4 बिलियन डॉलर में अपने एसेट को रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचना चाहता था, लेकिन अमेजन इंक की कानूनी चुनौती के बीच वो ऐसा नहीं कर सका और कर्ज में डूब गया। फरवरी में रिलायंस ने फ्यूचर रिटेल के 950 से अधिक स्टोर बंद कर दिए थे। रेंट पेमेंट्स में डिफॉल्ट के बाद रिलायंस ने ऐसा किया था। इसके बाद रिलायंस ने इन लोकेशंस में अपना स्टोर शुरू कर दिया।

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