ईरान की घटना से दुखी हुए सद्गुरू, कहा- महिलाओं को तय करने दें कि वे कैसे कपड़े पहनना चाहती हैं

ईरान की घटना से दुखी हुए सद्गुरू, कहा- महिलाओं को तय करने दें कि वे कैसे कपड़े पहनना चाहती हैं


नई दिल्‍ली. ईशा फाउंडेशन के संस्‍थापक जग्‍गी वासुदेव ‘सद्गुरू’ ने कहा है कि महिलाओं को तय करने दें कि वे कैसे कपड़े पहनना चाहती हैं. उन्‍होंने अपने ट्वीट में कहा है कि महिलाओं को कैसे कपड़े पहनने चाहिए, इसका निर्धारण न तो धार्मिक और न ही लंगूरों को करना चाहिए. महिलाओं को तय करने दें कि वे कैसे कपड़े पहनना चाहती हैं. किसी को उनके पहनने के लिए दंडित करने की इस प्रतिशोधी संस्कृति को समाप्त किया जाए, चाहे वह धार्मिक हो या अन्यथा. उन्‍होंने इस ट्वीट में हैशटैग ईरान, हिजाब और महसा अमिनी भी जोड़ा है.

दरअसल, ईरान में 22 वर्षीय छात्रा महसा अमिनी की मौत के बाद हंगामा मचा हुआ है. वह हिजाब न पहनने के कारण पुलिस की बर्बरता का शिकार हुई. ईरान में हिजाब पहनना अनिवार्य है. महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ गए हैं. महिलाएं हिजाब को आग लगाती हुई दिख रही हैं. ईरान की न्यूज एजेंसी एतेमाद के मुताबिक महसा अमिनी अपने भाई के साथ तेहरान स्थित हघानी मेट्रो स्टेशन के सामने खड़ी थीं. तभी हिजाब को लागू कराने के लिए बनी मोरलिटी पुलिस ने छात्रा को गिरफ्तार कर लिया, जहां हिरासत में अमिनी की मौत हो गई.

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FIRST PUBLISHED : September 21, 2022, 20:02 IST



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