चीतों को हिरण और चीतल परोसने के विरोध में उतरा बिश्नोई समाज, पीएम को पत्र लिखकर की यह बड़ी मांग

चीतों को हिरण और चीतल परोसने के विरोध में उतरा बिश्नोई समाज, पीएम को पत्र लिखकर की यह बड़ी मांग


हाइलाइट्स

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लाए गये हैं नामीबिया से आठ चीते
बिश्नोई समाज वन्यजीव और पर्यावरण प्रेमी के तौर पर अपनी पहचान रखता है

श्याम बिश्नोई.

जालोर. देश में लुप्त हुए चीतों (Cheetahs) को दुबारा बसाने के लिये नामीबिया से मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लाए गये चीतों के शिकार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. चीतों के शिकार के लिए मध्यप्रदेश के राजगढ़ वन मंडल से 181 चीतल कूनो भेजे जाने की सूचना से बिश्नोई समाज (Bishnoi Samaj) में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है. बिश्नोई समाज ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भेजकर अपनी भावनाओं से अवगत कराया है. वहीं बिश्नोई समाज के कई विधायक और मंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री और वन एव पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखा है.

चीतों के भोजन के लिए हिरण और चीतल भेजने की जानकारी मिलने पर बिश्नोई समाज की ओर से विरोध जताना शुरू कर दिया गया है. बिश्नोई समाज का कहना है कि उनका समाज सैकड़ों वर्षों से देश में वन्यजीवों और हरे पेड़ों की रक्षा के लिए काम करता आ रहा है. इस फैसले से वन्यजीव रक्षा के लिए पहचान रखने वाला बिश्नोई समाज आहत है. बिश्नोई समाज की ओर से इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है. अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बुड़िया ने प्रधानमंत्री और वन मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर चीतों को चीतल न परोसने की अपील की.

बिश्नोई समाज ने याद दिलाया अपना इतिहास

इसके बाद देशभर में बिश्नोई समाज के राजनीतिक समाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने विरोध की मुहिम शुरू कर दी. अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने कहा कि बिश्नोई समाज 500 साल से पर्यावरण, प्रकृति व वन्यजीवों की रक्षा के लिए गुरू जम्भेश्वर भगवान के दिए सिद्धांतों पर चल रहा है. बिश्नोई समाज एकमात्र ऐसा समाज हैं जिन्होंने पेड़ों के लिए 363 लोगों का बलिदान दिया. चीतों को चीतल परोसे जाने की खबर से समाज दुखी है.

नामीबिया से आठ चीते लाए गए हैं

उल्लेखनीय है कि हाल ही नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाया गया है. इन चीतों को मध्य प्रदेश राज्य के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया है. वहां चीतों को फिलहाल क्ववारटाइन किया गया है. उन्हें अभी भैंसें का मांस दिया जा रहा है. चीतों के माहौल में ढल जाने के बाद उन्हें शिकार करने दिया जाएगा. इसके लिए पार्क में उनके पसंदीदा वन्यजीव छोड़े जाएंगे.

बिश्नोई समाज के कई नेताओं व मंत्रियों ने लिखा पत्र

पूरे मामले को लेकर बिश्नोई समाज के कई विधायकों व मंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री और वन एव पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखे हैं. बीजेपी के दिग्गज नेता कुलदीप बिश्नोई, बीकानेर के नोखा BJP विधायक बिहारीलाल बिश्नोई, राज्य मंत्री सुखराम बिश्नोई, लूणी विधायक महेंद्र बिश्नोई, पूर्व सांसद जसवंत सिंह बिश्नोई और पूर्व विधायक हीरालाल बिश्नोई सहित बिश्नोई समाज के कई दिग्गज नेताओं ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं अवगत कराई है.

Tags: Deer hunt, Rajasthan news, Wildlife, Wildlife department



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