पालतू कुत्तों के बाद बिल्लियों पर सख्त झांसी नगर निगम, अनिवार्य किया गया पंजीकरण

पालतू कुत्तों के बाद बिल्लियों पर सख्त झांसी नगर निगम, अनिवार्य किया गया पंजीकरण


शाश्वत सिंह

झांसी. उत्तर प्रदेश के झांसी में अब पालतू बिल्लियों का भी पंजीकरण कराना होगा. जी हां, सही सुना आपने. पालतू कुत्तों के बाद अब बिल्ली पालने वालों को भी उनका पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया गया है. दरअसल कुत्तों की ही तरह बिल्ली के काटने से भी रेबीज जैसी बीमारी फैलती है. हाल के दिनों में यहां बिल्लियों के काटने की कुछ शिकायतें सामने आई हैं. शहर में लगभग 100 से अधिक लोगों ने बिल्ली पाल रखी है. इसको देखते हुए ही यह कदम उठाया गया है. पंजीकरण करवाने के लिए सभी दस्तावेज पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी के दफ्तर में जमा कराने होंगे.

बिल्ली के काटने से भी होती है बीमारियां
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि कुत्तों की ही तरह बिल्लियों के काटने से भी इंसान को कई प्रकार की बीमारियां होती हैं. कई बार यह बीमारियां जानलेवा हो जाती हैं. इन बातों को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई है. देसी प्रजाति की बिल्लियों का पंजीकरण 100 रुपए सालाना और विदेशी बिल्लियों का पंजीकरण 200 रुपए में होगा. इसके लिए पशुपालक को एक चिट्ठी, अपना आधार कार्ड, बिल्ली के वैक्सीनेशन के कागज और बिल्ली की फोटो नगर निगम में जमा करानी होगी.

पंजीकरण न कराने पर होगा जुर्माना
पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि अगर पशुपालक अपनी बिल्ली का पंजीकरण नहीं करवाते हैं तो उन पर अधिकतम पांच हज़ार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. अगर बिल्ली के काटने से किसी को गंभीर नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी उसके मालिक की होगी.

बता दें कि, बीते कुछ दिनों के दौरान देश के अलग-अलग हिस्से में कुत्ता काटने के कई मामले सामने आये हैं. इसके बाद कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया था, मगर अब झांसी में कुत्तों के बाद बिल्लियों का भी पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है.

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