‘बंद होने की कगार पर था कन्नड़ सिनेमा, KGF बनाकर रच दिया इतिहास!’ महेश मांजरेकर ने की फिल्म की तारीफ


इन दिनों साउथ इंडियन फिल्मों (Latest South Indian films) का सुरूर लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है. उत्तर भारत से लेकर भारत के पूर्वी और पश्चिमी कोने तक लोगों को साउथ की ही फिल्में पसंद आ रही हैं. ‘दृश्यम-2’, ‘पुष्पा’, ‘मास्टर’, ‘विक्रम’, ‘आरआरआर’ आदि जैसी कई सुपरहिट फिल्मों (superhit South Indian movies) ने पिछले कुछ दिनों भारत ही नहीं, दुनियाभर में मौजूद भारतीय सिनेमा के चाहने वालों को खूब एंटरटेन किया है. इन फिल्मों के कामयाब और बेहतर होने का दावा सिर्फ साउथ के सेलेब्स ही नहीं, अब तो बॉलीवुड सितारे भी करने लगते हैं. हाल ही में फेमस मराठी और बॉलीवुड एक्टर महेश मांजरेकर (Mahesh Manjrekar praise Kannada filmmakers) ने भी इस बात को कबूल कर लिया.

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार महेश मांजरेकर ने केजीएफ (Mahesh Manjrekar appreciate KGF makers) और कन्नड़ सिनेमा की तारीफ करते हुए मराठी फिल्मों को भी आगे बढ़ाने की बात कही है. बीते 14 सितंबर को परितोष पेंटर की केलायडोस्कोप सिनेमा और राजेश मोहंती की एस आर एंटरप्राइज ने अपने बैनर तले 7 मराठी फिल्मों की घोषणा मुंबई में हुए एक ईवेंट में की. इस ईवेंट में कई मराठी कलाकार भी शामिल हुए जिनमें महेश मांजरेकर भी मौजूद थे.

“बंद हो जाती कन्नड़ इंडस्ट्री…”

महेश ने मराठी फिल्मों की तारीफ की मगर ये भी कहा कि मराठी सिनेमा में भी कन्नड़ सिनेमा की तरह जान फूंकने की जरूरत है. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा- कुछ सालों पहले तक कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की हालत ऐसी थी कि वो कभी भी बंद हो सकती थी. मगर कोई एक व्यक्ति था जो फिल्में बनाने और उनपर काफी पैसा खर्च करने पर यकीन रखता था. उसी आदमी ने केजीएफ बनाई और उसके इस कदम ने इतिहास रच दिया. मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि उन्होंने केजीएफ के दोनों पार्ट को हिन्दी में नहीं बनाया, बल्कि कन्नड़ में बनाकर हिन्दी में डब किया और फिर ऑडियंस के सिर के ऊपर फेंक दिया!

मराठी सिनेमा को भी सपोर्ट करने की कही बात

महेश मांजरेकर ने आगे कहा कि उन्हें केजीएफ फिल्म के मेकर्स से जलन होती है और वो भी मराठी फिल्मों में ऐसा ही करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम ये चिल्ला-चिल्लाकर कह सकते हैं कि मराठी सिनेमा ग्रेट है. उसमें टैलेंट की कोई कमी नहीं है. कमी है तो सिर्फ ऐसे लोगों की जो मराठी फिल्ममेकर्स के विजन को समझ सकें. ये जरूरी है कि हम भी बड़े बजट की फिल्में बनाएं. उन्होंने कहा कि आज के वक्त में सिर्फ मराठी और मलयालम सिनेमा ही अच्छा कंटेंट बना रहा है. किसी को मराठी फिल्ममेकर्स पर भी विश्वास कर उतना पैसा लगाना होगा जितना केजीएफ के प्रोड्यूसर्स ने उस फिल्म पर लगाया.

Tags: Kannada film industry, KGF 2, Mahesh Manjrekar



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