मंगलुरु विस्फोट: डार्क वेब के जरिये रची गई धमाके की साजिश, जानिए शारिक किस हद तक करता था इसका इस्तेमाल

Mangaluru Blast Case: इन 3 आतंकियों से मार्गदर्शन लेता था शारिक, जानें क्या है कहानी


हाइलाइट्स

मंगलुरु विस्फोट में नई बात आई सामने, डार्क वेब पर बनी योजना
मोहम्मद शारिक इसके जरिये खास विचारधारा से जुड़ा, प्लान बनाया
आरोपी ने 6 महीने पहले बेंगलुरु-शिमोगा के युवाओं को ग्रुप से जोड़ा

नई दिल्ली. कर्नाटक के मंगलूरु में हुए धमाके की साजिश डार्क वेब के जरिये रची गई. मंगलुरु धमाके का आरोपी शारिक इसी के जरिए एक खास विचारधारा से प्रभावित हुआ और उसने कुछ युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित किया. इसके बाद उसने मंगलुरु के प्रसिद्ध मंदिर के पास धमाके की योजना बनाई. इस मामले की जांच कर रही एजेंसियों को यह भी पता चला है कि 6 महीने पहले उसने बेंगलुरु और शिमोगा के कुछ युवाओं का खास ग्रुप बनाया था. इस ग्रुप पर वह उनसे लगातार बात करता था.

जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों के हाथ एक सोशल मीडिया का कंटेंट लगा है. एजेंसियों का मानना है कि यह कंटेंट किसी संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट का है. वह यह भी मान कर चल रही हैं डार्क वेब के जरिये इन बातों को ज्यादा से ज्यादा फैलाया गया. अगर इसके कंटेंट पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि यह मंगलुरु धमाके का समर्थन कर रही हैं. इन बातों को सोशल मीडिया के जिस पेज के जरिये फैलाया जा रहा है उसका नाम इस्लामिक रजिस्टेंस काउंसिल बताया जा रहा है. इससे पहले इस संगठन का कहीं नाम नहीं सुना गया है.

ओपन डोमेन में मौजूद नहीं वेबसाइट
गिरफ्तार किए गए शख्स शारिक से अभी तक की पूछताछ में यह भी पता चला है कि वह विशेष चैटिंग ऐप के जरिए अपने इस खास ग्रुप के साथ बात करता था. वह बराबर आपत्तिजनक वेबसाइट के कंटेंट की बातें उस ग्रुप के लोगों को बताता था. ऐसी वेबसाइट ओपन डोमेन में मौजूद नहीं हैं, इसीलिए डार्क वेब की बात और ज्यादा पुख्ता हो रही है.

शक की सुई दुबई में बैठे शख्स पर
गौरतलब है कि, जांच एजेंसियां इस धमाके का मुख्य साजिशकर्ता दुबई में बैठे एक शख्स को मान रही हैं, क्योंकि वह आईएसआईएस का हैंडलर है. उसी के जरिये सभी आरोपियों को लगातार निर्देश मिलते रहते थे. अब यह पता लगाए जाने की कोशिश हो रही है किन-किन माध्यम से वह हैंडलर शारिक से संवाद करता था और शारिक कैसे वह बातें बाकी लोगों तक पहुंचाता था.

Tags: Karnataka News, Terror Attack



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