मछली और दही को एक साथ खाने के क्या है साइड इफेक्ट, डॉक्टर से जानें हकीकत


हाइलाइट्स

आयुर्वेद में दही और मछली को विरूद्ध आहार कहा जाता है
तात्कालिक रूप से एसिडिटी और गैस की समस्या हो सकती है

curd and fish pair effects: बचपन से हम अपनी दादी-नानी कि हिदायत सुनते आ रहे हैं कि मछली के साथ दूध या दही नहीं खाना चाहिए. लेकिन विज्ञान में इसे लेकर क्या कहा गया है यह जानना जरूरी है. हालांकि दही और मछली दोनों पोष्टिक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है. मछली में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कई तरह के विटामिन, ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि पाए जाते हैं जबकि दही में कैल्शियम, प्रोटीन, आयोडीन, पौटैशियम, फॉस्फोरस आदि भरे होते हैं. चूंकि दोनों प्रोटीन का बहुत बड़ा स्रोत है, इसीलिए दोनों को एक साथ खाने की मनाही है. आयुर्वेद में दही और मछली का एक साथ सेवन वर्जित माना गया है. आयुर्वेद की डॉक्टर सुजीता मुतरेजा बताती हैं कि आयुर्वेद में दही और मछली को विरूद्ध आहार कहा जाता है. इसलिए दोनों को एक साथ खाने से कई तरह के नुकसान होते हैं.

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एसिडिटी की समस्या हो सकती है
डॉ सुजीता मुतरेजा ने बताया कि दही और मछली में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है लेकिन दोनों प्रोटीन में अंतर होता है. दोनों में अलग-अलग प्रकार के प्रोटीन होते हैं. इसलिए दही और मछली को एक साथ खाने से डाइजेशन में समस्या होती है. इससे गैस हो सकती है और एसिडिटी बनती है. डाइजेशन सही से नहीं होने के कारण अग्निबंध हो सकती है जिसके कारण बाद में स्किन पर रेशेज निकल सकते हैं. हालांकि दही और मछली को एक साथ खाने से सबको परेशानी हो, यह भी जरूरी नहीं. डॉ सुजीता बताती हैं कि तात्कालिक रूप से एसिडिटी और गैस की समस्या हो सकती है लेकिन अगर आपका डाइजेस्टिव सिस्टम सही है तो इसका पाचन आसानी से हो सकता है. यही कारण है कि दही और मछली एक साथ खाने के बावजूद अधिकांश लोगों को परेशानी नहीं होती है. वहीं जो लोग अच्छी एक्सरसाइज करते हैं उन्हें भी दिक्कत नहीं होती.

आंख और प्रजनन क्षमता पर भी असर
डॉ सुजीता ने बताया कि जिन लोगों का पाचन तंत्र सही नहीं होता है उसे आयुर्वेद में अग्नि कहा जाता है. ऐसे लोगों को मछली और दही एक साथ खाने पर तुरंत परेशानी हो सकती है. वास्तव में दही वेजीटेरियन प्रोटीन का स्रोत है जबकि दूसरा एनिमल प्रोटीन का स्रोत है. वहीं दही पित्तज है और फिश पानी में रहने वाला जीव है. दही फर्मेंटेड होता है. इसलिए आयुर्वेद में इन दोनों को एक साथ लेने की मनाही है. आयुर्वेद में इसे दूसरा विष माना गया है. डॉ सुजीता ने बताया कि अगर कोई लंबे समय तक दही और मछली का सेवन करता है तो उसमें स्किन संबंधित समस्याएं तो आएंगी ही, बाद में भी आंखों में दिक्कत आ सकती है. इतना ही नहीं प्रजनन क्षमता पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है.

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