मजबूरी क्या न कराए… जिस इजरायल को मानने से किया इनकार उसी के ‘सीक्रेट’ दौरे पर गया पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल, तुर्की के बताए रास्ते पर चल रहे शहबाज?


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Pakistani PM Shahbaz Sharif

Highlights

  • इजरायल के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा पाकिस्तान
  • इजरायल के सीक्रेट दौरे पर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल
  • इजरायल के राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा प्रतिनिधिमंडल

Israel Pakistan: पाकिस्तान गुपचुप तरीके से इजरायल के साथ अपनी दोस्ती बढ़ा रहा है। एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल इस वक्त इजरायल के दौरे पर है। ये सब तब हो रहा है, जब इजरायल और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री नसीम अशरफ के नेतृत्व में नौ सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल इजरायल में है। सदस्यों में से चार पाकिस्तान के रहने वाले है, बाकी के चार पाकिस्तान मूल के हैं, जिनमें से एक ब्रिटिश पाकिस्तानी इमाम है। इस साल मई महीने में इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्गोज ने कहा था कि उन्होंने हाल में ही पाकिस्तानी-अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है। उन्होंने इस बैठक को अद्भुत अनुभव बताया और कहा कि यह साबित करता है कि इजरायल को लेकर मुस्लिम दुनिया का नजरिया बदल गया है।  

इजरायली राष्ट्रपति के इस खुलासे के बाद पाकिस्तान में काफी हंगामा हुआ था। हाल में ही पाकिस्तान के दोस्त तुर्की ने भी इजरायल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की तरफ से इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे नसीम अशरफ देश के विकास मंत्री रह चुके हैं। केवल इतना ही नहीं, बल्कि वह पाकिस्तान क्रिकेट काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष भी हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि इस प्रतिनिधिमंडल में कराची न्यूज स्टेशन का एक पत्रकार भी शामिल है। अन्य सदस्यों की पहचान गोपनीय रखी गई है। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल इजरायल के साथ पानी संबंधित तकनीकों पर बात कर रहा है। 

इसके साथ ही पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने इजरायल में कई जगहों का दौरा किया है और लोगों से राजनीति, इतिहास, धर्म, विरासत और संस्कृति पर बात की है। प्रतिनिधिमंडल इस हफ्ते के आखिर में इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्गोज से भी यरुशलम में मुलाकात करेगा।  

पाकिस्तान और इजरायल के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं

पाकिस्तान और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान इजरायल को एक देश के तौर पर मान्यता भी नहीं देता है। हालांकि इस साल की शुरुआत में दोनों देशों ने लाल सागर में यरुशलम में हुए नौसेना अभ्यास में हिस्सा लिया था। इसका नेतृत्व अमेरिका की पांचवीं फ्लीट ने किया था। इन देशों में सऊदी अरब, ओमान, कोमरोस, जिबूती, सोमालिया और यमन शामिल थे, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।   

इजरायल के साथ रिश्ते बनाना चाहता है पाकिस्तान

इजरायल पाकिस्तान को इसलिए विशेष रणनीतिक महत्व देता है क्योंकि वो अकेला ऐसा मुस्लिम देश है, जिसके पास परमाणु क्षमता है। पाकिस्तान अपनी सीमा ईरान के साथ साझा करता है, जिसकी इजरायल के साथ कट्टर दुश्मनी है। बीते साल एक पाकिस्तानी विशेषज्ञ ने दावा किया था कि उनके देश ने अपने परमाणु हथियारों के शास्त्रागार को सुरक्षित रखने के लिए इजरायल के तकनीक खरीदी है। इंस्टीट्यूट ऑफ इस्लामिक थियोलॉजी अगेंस्ट टेररिज्म के संस्थापक नूर देहारी बताया कि तकनीक को बेशक ब्रिटेन से खरीदा गया था, लेकन इसे इजरायल की सरकार ने प्रसारित किया था।    

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