AT Car खरीदने की कर रहे हैं प्लानिंग, तो जान लें Automatic Transmission के फायदे और नुकसान – know the pros and cons of an automatic car that makes driving easier – News18 हिंदी


हाइलाइट्स

ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के मुकाबले मैनुअल कार की संख्या ज्यादा है.
अगर इन दोनों की तुलना करें तो माइलेज में थोड़ी बहुत फर्क देखने को मिलता है.
ऑटोमेटिक गाड़ियों को चलाना आसान होता है.

भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में लगभग प्रत्येक दिन अलग-अलग कंपनी की कार और बाइक लॉन्च होती है. इसकी कीमत और फीचर्स एक दूसरे से इसे अलग बनाती है. इसे खरीदने से पहले बहुत सारे लोगों के मन में यह सवाल होता है कि आखिर वह पेट्रोल, सीएनजी या फिर इलेक्ट्रिक कार खरीदें. एक समय ऐसा था जब लोग गाड़ी चलाने से डरते थे. कुछ लोग तो इसे सीखने में ही महीनों लगा देते थे. इसे देखते हुए अब कुछ कंपनियां 2 वेरिएंट्स में कारें लॉन्च करती हैं. 

इसमें मैनुअल और ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन शामिल है. इन दोनों के ही अलग-अलग फायदे और नुकसान हैं. अगर आप भी कार खरीदने जा रहे हैं तो फायदे और नुकसान के बारे में जरूर जान लें.

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ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के प्रकार

ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन 5 तरह के होती है. इसके बारे में जानने के बाद आप यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि इन सभी में से कौन सबसे बेहतर है. अगर इनके प्रकार की बात करें तो इसमें CVT, IMT, AMT, ऑटोमेटिक टॉर्क कनवर्टर, और ड्युअल क्लच ट्रांसमिशन शामिल है. ड्युअल क्लच ट्रांसमिशन को DCT या DSG भी कहते हैं. इन्हीं ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का इस्तेमाल लग्जरी से लेकर एंट्री लेवल तक की कारों में की जाती है. अगर आसान शब्दों में कहें तो ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कार मैं बार-बार गियर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है.

ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के फायदे

ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के कई फायदे और नुकसान हैं. सबसे पहली बात तो यह है कि इसे चलाना बहुत आसान है. कई बार लोग गाड़ी चलाते समय गियर बदलना भूल जाते हैं, कई बार तो गलती से अचानक 1 गियर से 4 गियर में डालने पर गाड़ी बंद भी हो जाती है. इस से बचने के लिए ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन गाड़ियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. भीड़ भाड़ वाली गली या फिर लॉन्ग रूट पर जा रहें हो तो ऐसे में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन कारें एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. इसे नए ड्राइवर भी बहुत ही आसानी से चला लेते हैं. 

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ये हैं ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के नुकसान

मैनुअल की तुलना में ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन कार को मेंटेन करना महंगा होता है. सर्विसिंग करवाते समय भी जब किसी पार्ट की रिपेयरिंग करवाते हैं उस समय मैकेनिक ऑटोमेटिक कार के लिए अधिक पैसे मांग सकते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं इसके पार्ट्स भी थोड़े से महंगे होते हैं. इसमें अचानक स्पीड कम और ज्यादा नहीं कर सकते हैं. मैनुअल गाड़ियों में गियर बदलकर ऐसा करना संभव है. वहीं दूसरी तरफ ओवरटेक करने में ऑटोमेटिक गाड़ियों में आसानी होती है. जब तक लोग गियर बदलते हैं उतने में कोई और ओवर टेक कर आगे निकल सकता है. वहीं ऑटोमेटिक के मुकाबले मैनुअल गाड़ियां थोड़ी सी ज्यादा माइलेज देती है.

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