Black Friday: अमेरिकी मंदी के डर से कांपा भारतीय शेयर बाजार, भारी गिरावट के साथ Sensex ने लगाया 1,093 अंक का गोता


Photo:PTI (FILE PHOTO) Stock market

Black Friday: भारतीय बाजार के लिए एक बार फिर शुक्रवार का दिन ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। दुनिया भर के बाजारों में मंदी की आशंका का असर भारतीय बाजार में भी देख गया और आज स्थानीय शेयर बाजार शुक्रवार को गोता लगा गए। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसक्स 1,093 अंक टूट गया, वहीं निफ्टी भी 347 अंक नीचे आया। वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका और विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली से भी बाजार की धारणा पर असर पड़ा। 

लगातार तीसरे दिन गिरा शेयर बाजार 

सेंसेक्स में लगातार तीसरे दिन गिरावट का सिलसिला कायम रहा और यह 1,093.22 अंक या 1.82 प्रतिशत लुढ़ककर 58,840.79 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,246.84 अंक तक गिर गया था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 346.55 अंक यानी 1.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,530.85 अंक पर बंद हुआ। 

अमेरिकी मंदी से आया भारतीय बाजार को बुखार 

विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय बाजार में ताजा गिरावट के पीछे अमेरिकी फेड की सख्ती को लेकर गहराती आशंकाएं हैं। विश्लेषकों के अनुसार मंदी की आह से दुनिया भर के बाजार सहमे हैं, इसी का असर दलाल स्ट्रीट पर भी दिख रहा है। इसके अलावा रेटिंग एजेंसी फिच ने इस सप्ताह की शुरुआत में वैश्विक आर्थिक तनाव, बढ़ती महंगाई और सख्त होती आरबीआई मौद्रिक नीति के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद के विकास के अनुमान को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।

टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक की जबर्दस्त पिटाई

सेंसेक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे अधिक चार-चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट हुई। इन्फोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, विप्रो, टीसीएस, नेस्ले और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ केवल इंडसइंड बैंक का शेयर लाभ के साथ बंद हुआ। ए

एशिया और यूरोप के बाजारों में मंदी का साया 

शिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में बंद हुए। वहीं, यूरोप के ज्यादातर बाजार गिरावट में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी बृहस्पतिवार को नुकसान के साथ बंद हुआ था। 

कच्चे तेल में तेजी 

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.32 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 91.13 डॉलर प्रति बैरल पर पंहुचा गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 1,270.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। 

ग्लोबल चिंताओं से भारत में भी घबराहट

विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत घरेलू आर्थिक वृद्धि की उम्मीद में भारतीय शेयर बाजारों ने अभी तक अन्य प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन लंबे समय तक वैश्विक रुख से अलग होना मुश्किल है। भारतीय इक्विटी बाजारों में एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। डॉलर इंडेक्स में तेज उछाल के कारण भारत सहित दूसरी वैश्विक मुद्राएं कमजोर हो रही हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अमेरिकी मुद्रास्फीति की संख्या के बाद है। 

FII की भारी बिकवाली

बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। एफआईआई ने भी अपनी निरंतर खरीद रोक दी है और एक बार फिर एफआईआई की बिकवाली शुरु हो गई है। विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को सात दिन की लंबी खरीदारी की लकीर को तोड़ते हुए, भारतीय इक्विटी में शुद्ध 173 मिलियन से अधिक के शेयरों की बिक्री की है।

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