SCO SUMMIT: आज पुतिन से होगी PM मोदी की मुलाकात, शी जिनपिंग के साथ वार्ता पर संशय बरकरार

SCO SUMMIT: आज पुतिन से होगी PM मोदी की मुलाकात, शी जिनपिंग के साथ वार्ता पर संशय बरकरार


हाइलाइट्स

एससीओ समिट के इतर आज PM मोदी की व्लादिमीर पुतिन से होगी मुलाकात
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ PM मोदी के मुलाकात पर संशय बरकरार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से नहीं होगी पीएम मोदी की मुलाकात

समरकंदः शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit) शिखर सम्मेलन में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार शाम उज्बेकिस्तान के शहर समरकंद पहुंच गए. आज शिखर सम्मेलन से इतर रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से उनकी मुलाकात हो सकती है. यूक्रेन रूस युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात होगी. पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात पर अभी संशय बरकरार है. दोनों ही देशों की ओर से इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं साझा की गई है. इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि समरकंद में पीएम मोदी की उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति समेत दूसरे कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि उनकी शी जिनपिंग से बातचीत होगी या नहीं.

विदेश सचिव ने कहा, ‘बैठक में प्रासंगिक मुद्दों, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग पर सार्थक चर्चा की उम्मीद है. बैठक में विकास के मुद्दों पर फोकस होगा और आतंक समेत साझा चुनौतियों से निपटने, कारोबार एवं आर्थिक विषयों पर चर्चा होगी.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, उज्बेक राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव से मिलना तय है. वह ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से ठीक पहले पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया पूरी होने से, पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात की संभावना प्रबल हो गई है. वर्ष 2017 में भी चीन ने अपनी मेजबानी में होने वाली जी.20 बैठक से ठीक पहले डोकलाम विवाद सुलझाया था. उसके बाद इस बैठक में शामिल होने चीन पहुंचे पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात की थी.

शहबाज शरीफ से नहीं होगी पीएम मोदी की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात नहीं करेंगे. पहले दोनों नेताओं की मुलाकात के कयास लगाए जा रहे थे. भारत सरकार के सूत्र ने स्पष्ट किया कि चूंकि आतंकवाद पर पाकिस्तान के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है और भारत का यह स्टैंड है कि आतंकवाद और बातचीत दोनों एक साथ नहीं चल सकते, ऐसे में पीएम मोदी और शहबाज शरीफ के बीच मुलाकात नहीं होगी.

भारत ने कहा- सबको पता है कहां से आ रहा आतंकवाद
समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन से पहले भारत ने आतंकवाद को लेकर अपनी दो टूक राय व्यक्त की. पाकिस्तान का नाम लिए बगैर विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने शुक्रवार को कहा, सब जानते हैं कि आतंकवाद कहां से आ रहा है और सीमापार से हमलों के पीछे कौन है. एससीओ और इसके आतंकरोधी क्षेत्रीय ढांचे आरएटीएस का सदस्य होने के बावजूद पाकिस्तान के आतंकवाद को पनाह देने के सवाल पर क्वात्रा ने कहा, अलग.अलग देश क्षेत्र में आतंकवाद की चुनौतियों को कैसे लेते हैं इसे समझने के कई तरीके हैं. इसमें कोई दो राय नहीं कि पाकिस्तान आतंक से सीधे जुड़ा है. एससीओ के देश आतंक के प्रति गंभीर समझ दिखाते हैं. उससे निपटने के लिए सहयोग पर जोर देते हैं.

भारत के विदेश सचिव ने कहा, अक्टूबर में आरएटीएस की कार्यकारी परिषद का अध्यक्ष बनने के बाद से भारत एससीओ में आतंकी, चरमपंथी व अलगाववादी संगठनों व व्यक्तियों का रजिस्टर बनाने पर जोर दे रहा है. आरएटीएस के निदेशक मिर्जेव रुस्लान एर्किनोविच ने कुछ दिन पहले ही एनएसए अजीत डोभाल और विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी से मुलाकात में आतंकी रजिस्टर तैयार करने पर चर्चा की थी. उन्होंने जैश.ए.मोहम्मद के सरगना अजहर मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव में अड़ंगा लगाने के लिए चीन पर भी निशाना साधा.

बदले तेवर के साथ शिरकत कर रहा भारत
इस बैठक से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था, अब न तो दुनिया में कोई गुट निरपेक्ष है और न ही सिर्फ दो ही महाशक्तियां हैं. भारत की अपनी स्वतंत्र विदेश नीति है. यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने रूस के प्रति अमेरिका, यूरोपीय देशों से अलग नीति अपनाई और दबाव के बावजूद माॅस्को के साथ तेल आयात बंद नहीं किया. ऐसे में पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है. एससीओ में इस समय रूस, ताजिकिस्तान, चीन, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान शामिल हैं. भारत और पाकिस्तान का इस समूह में साल 2017 में प्रवेश हुआ. इस साल ईरान के साथ डायलॉग पार्टनर के तौर पर चार अरब देशों समेत 6 नए देशों की एंट्री हुई है. इस प्रकार 15 देशों का एससीओ सबसे बड़ा क्षेत्रीय सहयोग संगठन बन गया है.

Tags: PM Modi, SCO Summit, Shanghai Cooperation Organisation



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