Varanasi: शारदीय नवरात्र में अखंड दीप से दूर होगी सभी परेशानी, काशी के ज्योतिषी से जानिए महत्व

Varanasi: शारदीय नवरात्र में अखंड दीप से दूर होगी सभी परेशानी, काशी के ज्योतिषी से जानिए महत्व


अभिषेक जायसवाल

वाराणसी. हिन्दू धर्म में देवी के आराधना का उत्सव नवरात्र (Navratra) काफी धूमधाम से मनाया जाता है. नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना होती है. इस वर्ष 26 सितंबर यानी सोमवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि में देवी का आशीर्वाद पाने के लिए अलग-अलग तरह से पूजा का विधान है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक नवरात्र के नौ दिन में श्रद्धालु अखण्ड ज्योति प्रज्वलित कर मां दुर्गा को प्रसन्न कर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं.

काशी के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया कि देवी की आराधना के लिए इस पर्व पर अखण्ड ज्योत जलाने का विशेष महत्व होता है. घर में नौ दिन तक देवी का स्मरण कर देशी घी या तिल के तेल का अखण्ड दीप जलाने से, मान्यता है कि ऐसा करने से देवी मां श्रद्धालुओं के सारे कष्टों को हर लेती हैं. इसके साथ ही उनका आशीर्वाद सदैव अपने भक्तों पर बना रहता है.

दीपक जलाने के यह हैं फायदे
दीपक जलाने का धार्मिक और वैज्ञानिक आधार भी है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक दीपक शुभ और मंगल कारक होता है. घर में अखण्ड दीप जलाने से हमेशा पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और जीवन से अंधकार दूर होता है. इसके अलावा रोग और भय से भी मुक्ति मिलती है. दीप जलाने के वैज्ञानिक फायदे भी हैं. दीप जलाने से हवा के भारी तत्व जमीन पर आ जाते हैं जिससे हवा हल्की हो जाती है और सांस लेना आसान होता है.

अखण्ड दीप जलाने का यह है नियम
नवरात्र के पहले दिन स्नान के बाद देवी मां का स्मरण कर एक साफ प्लेट में रोली से स्वस्तिक को बनाएं. फिर पीतल या मिट्टी के दीये में सफेद धागे या रुई की बत्ती बनाकर अखण्ड दीप जला कर देशी घी, सरसों का तेल या फिर तिल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह दीप पूरे नौ दिन तक जलते रहना चाहिए.

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